कवी वर्गने राष्ट्रहित और समाज प्रबोधन का कार्य करने की प्रतिज्ञा करे..

नवचैतन्य टाईम्स वाई(अमोल मांढरे)आज बढते हुए शहरीकरण और औद्योगिकरण के कारण सभी के जीवन शैली आरामदायक हो गई है. आज समाज मे अनेक समस्या हमारे विकास के आड आ रही है.बढती हुई महंगाई,बेरोजगारी, व्यसनाधीनता, युवक वर्ग की समस्या, दहशतवाद, आंतरराष्ट्रीय प्रश्न. इन जसे अनेक समस्या का सामना सरकार और हमारे नागरिक को करनी पडती है.. कोरोना जैसी महा संकट से हमारा देश अभी अभी संभल रहा है. इस कोरोना संकट में हमारे समाज मे बडे स्तर पर.जीवित हानी. और वित्तहानी हुई है. इसीलिए कवी वर्ग ने आगे आकर उनका कर्तव्य जानकर समाजप्रबोधन का कार्य करना चाहिए. अभी जागतिक कवी दिन बडे स्तर पर मनाया जा चुका है. आज पाश्चिमात्य संस्कृती के प्रलोभन और आकर्षण की कारण विशेषता विद्यार्थी वर्ग व युवक वर्ग का बडे स्तर पर नुकसान हो रहा है. यह हमारे समाज के लिए एक गंभीर और नकारात्मक विषय है. एसी कारण कवी वर्गने हमारी भारतीय संस्कृती का महत्व युवक वर्ग के सामने रखना चाहिए. हमारे भारतीय महापुरुषों की थोर विचार ,उनकी आदर्श जीवनशैली, हमारे वीर जवान और किसानो का महात्म्य,हमारे स्वदेशी का महत्व, हमारी सरकार की जिम्मेदारी, और राष्ट्रहित के प्रति सखोल ज्ञान और प्रबोधन का कार्य समाज के हर स्तर पर करना कवी वर्ग का आद्य कर्तव्य है. कवी वर्गने कवी संमेलन और वर्तमानपत्र के माध्यम से समाज मे शासन की हर योजना, जैसे मेक इन इंडिया का महत्व ,आत्मनिर्भर भारत, किसानो की समस्या, प्रौढ साक्षरता वृक्ष संवर्धन ,ग्रामीण भाग का विकास जैसे हर विषय मे महत्व जानकर प्रबोधन करणा चाहिये. हमारी भारत देश को अनेक महापुरुषों का थोर आदर्श है. छत्रपती शिवाजी महाराज, छत्रपती संभाजी महाराज, लोकमान्य टिळक, डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर, मातोश्री जिजाऊ, पृथ्वीराज चौहान, झाशी की राणी ,और भगतसिंग राजगुरू जैसे अनेक स्वातंत्र्यवीरोने अपने बलिदान और राष्ट्रहीत के प्रति कर्तव्य जानकर हमारे देश का आदर्श स्वराज्य का निर्माण किया है. तो इसी का महत्व कवी वर्गने अपनी कलम के माध्यम से हमारे भारत देश की जनता को सहज और आसान तरीके से बताना चाहिये. और इसी कारण हमारे भारतीय नागरिकों का व्यक्तिमत्व विकास और जादा बेहतर होकर एक सकारात्मक परिणाम दिखना मिलेगा. और हमारे शासन स्तर पर और समाज के लोकप्रतिनिधी इनका कर्तव्य ये है कि कवी वर्ग को हर स्तर पर जो समस्या का सामना करना पडता है उसके लिए उनका आत्मविश्वास बडा कर और सहकार्य करणा चाहिये. इसी कारण कवी वर्ग ने भी अपना आद्य कर्तव्य जानकर राष्ट्रहित और समाजहित के लिए कार्य जरूर करेंगे. हमारी पाठशाला और महाविद्यालय के माध्यम से विद्यार्थी वर्ग को कवी वर्ग से और ज्यादा बेहतर आदर्श जानकारी मिल सकती है. हमारा यही विद्यार्थी वर्ग हमारे भविष्य के आधारस्तंभ है. तो इसी विद्यार्थी वर्ग का परिपूर्ण आदर्श विकास जरूर होगा. आज विविध वर्तमानपत्र, साप्ताहिक पत्रिका, मोबाईल , सोशल मीडिया यह माध्यम समाज के हर स्तर पर जाना जाता है. तो कवी वर्गने इसी माध्यम से अपना आद्य कर्तव्य जानकर समाज प्रबोधन और राष्ट्रहित का कार्य करना जरुरी है. हमारे भारत देश के युगपुरुष छत्रपती शिवाजी महाराज का चरित्र पूरी दुनिया के सामने एक आदर्श और सन्मान की तोर पर देखा जाता है. कवी वर्गने यही चरित्र के माध्यम से समाज मे छत्रपती शिवाजी महाराज की आदर्श जीवनशैली और उनका महान पराक्रम विशेषता युवा वर्ग सामने रखना चाहिए. स्वातंत्र्य वीरोने अपने जीवन को त्याग कर , अपने भारत देश के स्वतंत्रता और राष्ट्रहित के लिये अतिव बलिदान से अपनी भारत राष्ट्र का गौरव और अभिमान पूरी दुनिया के उत्तुंग शिखर पर रखा है. नमस्कार मे कवी कविराज अमोल मांढरे. मै भी अपनी कलम से अपना आद्य कर्तव्य जानकर अपने साहित्यिक जीवन मे परिपूर्ण अर्पण कर के समाज प्रबोधन का कार्य जरूर करता रहूंगा यह प्रतिज्ञा करता हु..
धन्यवाद. जय हिंद.जय भारत.
लेखक. कविराज अमोल मांढरे वाई.
जिला.सतारा. महाराष्ट्र.
Mobile no.7709246740.

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